भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में भगवान के चरणों को शरण, समर्पण और भक्ति का प्रतीक माना गया है। रामभक्ति एवं बैष्णव परंपरा में भगवान श्रीराम और माता जानकी के चरणों में अंकित अनेक शुभ चिन्हों का वर्णन मिलता है। परंपराओं के अनुसार श्रीराम और माँ जानकी के चरणों में 24-24 मंगलकारी चिन्ह माने जाते हैं। इन चिन्हों को केवल आकृतियां नहीं, बल्कि जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
इस लेख में
- भगवान श्रीराम के चरणों के 24 शुभ चिन्ह
- माँ जानकी के चरणों के 24 शुभ चिन्ह
- चरण-चिह्नों का आध्यात्मिक संदेश
श्रीराम-जानकी के चरणों का स्मरण ही भक्त के लिए सबसे बड़ा मंगल है। जय श्रीराम। जय माँ जानकी।


