श्री आद्य शंकराचार्य लीलामृत
अच्छे आचरण से बनता है उज्ज्वल चरित्र
काशी में गंगा-स्नान के बाद चाण्डाल वेशधारी भगवान विश्वनाथ से भेंट, और वे पाँच श्लोक जो "मनीषा पञ्चकम्" के नाम से प्रसिद्ध हैं, हिंदी अनुवाद सहित।
वेद, पुराण, गीता, पर्व-उत्सव, तीर्थ और संस्कार: सात्विकम् के सभी लेख और पोस्टर।
अच्छे आचरण से बनता है उज्ज्वल चरित्र
काशी में गंगा-स्नान के बाद चाण्डाल वेशधारी भगवान विश्वनाथ से भेंट, और वे पाँच श्लोक जो "मनीषा पञ्चकम्" के नाम से प्रसिद्ध हैं, हिंदी अनुवाद सहित।
भारत के राष्ट्रीय पुनर्जागरण, शिक्षा, महिला-जागरण और स्वतंत्रता आंदोलन की महान अग्रदूत। सेंट्रल हिन्दू कॉलेज (1898) से वसंत कॉलेज फॉर विमेन (1913) तक उनका योगदान।
ज्ञान, साधना और संस्कृति का भव्य उत्सव
10 से 21 अक्टूबर तक गुरुग्राम में विशेष आयोजन। 26 अक्टूबर को शाकम्भरी देवी रूप में होगा अलंकरण।
श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान, पितरों की तृप्ति का मार्ग। पितृपक्ष का महत्व, पितृ तर्पण की विधि, श्राद्ध में क्या करें और क्या न करें।
पितृपक्ष के दौरान किसी के घर अन्न-जल क्यों नहीं ग्रहण करना चाहिए।
अन्न के 3 दोष, पितृपक्ष का सूक्ष्म विज्ञान, दूसरों के घर न खाने के कारण, आहार विधान और अपवाद, गरुड़ पुराण के अनुसार।
अनंत भगवान की शरण और श्रद्धा की अमर कथा
शीला ने बांधा अनंत-सूत्र, कौण्डिन्य ने किया अपमान। चौदह गांठों में छिपा है अनंत का संदेश: धागा नहीं, धर्म और संकल्प का बंधन है यह सूत्र।
अनन्त चतुर्दशी का परिचय, पौराणिक महत्व, कथा, पूजा-विधि, अनन्तसूत्र का महत्व और आध्यात्मिक संदेश।
मन से भगवान की पूजा
आदि गुरु शंकराचार्य जी द्वारा रचित श्री शिव मानस पूजा स्तोत्र। मानस पूजा की महिमा, उसका स्वरूप और लाभ।
सम्पूर्ण सृष्टि अग्नि और सोम के संयोग से उत्पन्न है।
पूज्य धर्मसम्राट श्री करपात्री जी महाराज के विचार: चन्द्र मन का अधिष्ठाता, दृष्ट चन्द्र और सूक्ष्म चन्द्रलोक, वैदिक सिद्धान्त और आधुनिक चंद्रयान।
संत का मिलना ही बड़ा दुर्लभ है, पर यदि वे मिल गये तो काम बन गया।
सत्संग के बिखरे मोती, (गीता प्रेस) नाम की पुस्तक से साभार।
तप, ज्ञान और करुणा के प्रतीक
परिचय और उत्पत्ति, सती अनसूया और अत्रि का वैवाहिक जीवन, वैदिक और वैज्ञानिक योगदान, रामायण में उल्लेख, और श्री अत्रि कृत श्रीराम स्तुति।
वायु पुराण (अध्याय ३८), भागवत पुराण, विष्णु पुराण और इन्द्रविजय पुस्तक के अनुसार भारत के निकटवर्ती द्वीप, खण्ड और उनके आज के नाम।