अग्नीषोमात्मकं जगत्
सम्पूर्ण सृष्टि अग्नि और सोम के संयोग से उत्पन्न है।
पूज्य धर्मसम्राट श्री करपात्री जी महाराज के विचार: चन्द्र मन का अधिष्ठाता, दृष्ट चन्द्र और सूक्ष्म चन्द्रलोक, वैदिक सिद्धान्त और आधुनिक चंद्रयान।
मंत्रों में छिपा विज्ञान और पुराणों का भूगोल।
सम्पूर्ण सृष्टि अग्नि और सोम के संयोग से उत्पन्न है।
पूज्य धर्मसम्राट श्री करपात्री जी महाराज के विचार: चन्द्र मन का अधिष्ठाता, दृष्ट चन्द्र और सूक्ष्म चन्द्रलोक, वैदिक सिद्धान्त और आधुनिक चंद्रयान।
वायु पुराण (अध्याय ३८), भागवत पुराण, विष्णु पुराण और इन्द्रविजय पुस्तक के अनुसार भारत के निकटवर्ती द्वीप, खण्ड और उनके आज के नाम।
महामृत्युंजय मंत्र के हर शब्द में छिपा विज्ञान: नब्ज़ की उल्टी गिनती, शुक्राचार्य की संजीवनी, 33 अक्षरों का महाकोड और डीएनए की सफ़ाई।