मंगलवार, 3 नवंबर 2026 · आस्था से अध्यात्म तक आध्यात्मिक जगत के समाचार एवं विचार
मंगलवार, 3 नवंबर 2026

आध्यात्मिक जगत के समाचार एवं विचार

आस्था से अध्यात्म तक
आज की मुख्य कथा आध्यात्मिक लेख

श्री कमलापत्यष्टकम् – संस्कृत मूल पाठ एवं सरल हिंदी भावार्थ

🌺 श्री कमलापत्यष्टकम् 🌺संस्कृत मूल पाठ एवं सरल हिंदी भावार्थ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥श्लोक १भुजगतल्पगतं घनसुन्दरंगरुडवाहनमम्बुजलोचनम्।नलिनचक्रगदाकरमव्ययंभजत रे मनुजाः कमलापतिम्॥ १॥भावार्थ: हे मनुष्यो! शेषनाग की शय्या पर विराजमान, मेघ के…

23 अक्टूबर 2026
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समाचार एवं विचार

नवीनतम लेख

कनक भवन: दरवाजे पड़े रहो

श्री सीताराम जी का निज महल, अयोध्या

अयोध्या की पावन यात्रा में एक जगह जाना बिल्कुल ना भूलें: श्री कनक भवन, जो श्री सीताराम जी का निज महल है। कनक भवन मंदिर का प्राचीन एवं आधुनिक इतिहास, और श्री कनकबिहारी जी की आरती एवं दर्शन की समय-सारिणी।

श्री आद्य शंकराचार्य लीलामृत

अच्छे आचरण से बनता है उज्ज्वल चरित्र

काशी में गंगा-स्नान के बाद चाण्डाल वेशधारी भगवान विश्वनाथ से भेंट, और वे पाँच श्लोक जो "मनीषा पञ्चकम्" के नाम से प्रसिद्ध हैं, हिंदी अनुवाद सहित।

डॉ. एनी बेसेंट की जयंती पर शत्-शत् नमन

भारत के राष्ट्रीय पुनर्जागरण, शिक्षा, महिला-जागरण और स्वतंत्रता आंदोलन की महान अग्रदूत। सेंट्रल हिन्दू कॉलेज (1898) से वसंत कॉलेज फॉर विमेन (1913) तक उनका योगदान।

श्री शारदा शरन्नवरात्रि महोत्सव 2026

ज्ञान, साधना और संस्कृति का भव्य उत्सव

10 से 21 अक्टूबर तक गुरुग्राम में विशेष आयोजन। 26 अक्टूबर को शाकम्भरी देवी रूप में होगा अलंकरण।

पितृपक्ष पर विशेष: पितरों की तृप्ति खोलती है समृद्धि के द्वार

श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान, पितरों की तृप्ति का मार्ग। पितृपक्ष का महत्व, पितृ तर्पण की विधि, श्राद्ध में क्या करें और क्या न करें।

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आज का श्लोक

त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

महामृत्युंजय मंत्र · ऋग्वेद 7.59.12

हम त्रिनेत्रधारी भगवान शिव का पूजन करते हैं, जो सुगंधित हैं और जीवन का पोषण करते हैं। जैसे पका फल बेल के बंधन से सहज अलग हो जाता है, वैसे ही वे हमें मृत्यु के बंधन से मुक्त करें, अमृत से नहीं।

पर्व-उत्सव

पर्व और उत्सव

श्री अनन्त चतुर्दशी की मंगल बधाई

बच्चों के लिए

सात्विकम् संस्कारशाला

पढ़ना, बोलना और लिखना सीखने के छोटे-छोटे संस्कार। घर पर बच्चों के साथ पढ़ें।

कुछ भी नष्ट मत करो

हमारे जीवन में प्रत्येक वस्तु का अपना महत्व होता है। हमें किसी भी उपयोगी वस्तु को व्यर्थ नहीं फेंकना चाहिए। बची हुई खाद्य सामग्री और अन्य वस्तुओं का…

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पढ़ना सीखो

पढ़ना केवल पुस्तक के पन्ने पलटना नहीं है, बल्कि उसे समझकर और ध्यान लगाकर पढ़ना भी जरूरी है। पढ़ते समय सही ढंग से बैठना, उचित प्रकाश में पढ़ना…

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"बालकों की बोल-चाल" (गीता प्रेस) पुस्तक से साभार · संकलन: अजय कुमार मिश्र

सात्विकम् चैनल

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सात्विकम् की नई पहल

जल्द आ रहा है

सेवा, गुरुकुल और संत-परंपरा से जुड़े ये खंड तैयार हो रहे हैं। अपनी जानकारी या सुझाव अभी भेजें।

श्री अर्जुन प्रसाद बस्तौला जी
सत्यम्
शिवम्
सुन्दरम्
मार्गदर्शक
संहिता शास्त्री गर्गाचार्य

श्री अर्जुन प्रसाद बस्तौला जी

ऋषि पंचमी का पर्व अपने ऋषियों को स्मरण करने का एक पावन दिन है। इसी दिन हम उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। हर कल्प के सप्तर्षि कल्प भर हमारा मार्गदर्शन करते रहते हैं।ऋषि पंचमी पर गर्गाचार्य जी का कथन
सात्विकम् वेलफेयर फाउंडेशनसात्विक जीवनस्वस्थ समाजसमृद्ध भारत
लेखक व सहयोगी
अजय कुमार मिश्रनेशनल कोऑर्डिनेटर, सात्विकम वेल्फेयर फाउंडेशन · नई दिल्ली
नरेंद्र कुमार शर्मावरिष्ठ उपसंपादक, विचारक
अमरीश मनीष शुक्ललेखक · प्रयागराज
चंद्रकला पाडियालेखिका
सरोज बास्तोला 'जीवनामृत'लेखन सहयोगी