सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 · आस्था से अध्यात्म तक सात्विक जीवन · स्वस्थ समाज · समृद्ध भारत
विषय

ऋषि-परंपरा व भक्ति

ऋषियों का जीवन, श्रीराम-जानकी और भक्ति के प्रतीक।

महर्षि अत्रि

तप, ज्ञान और करुणा के प्रतीक

परिचय और उत्पत्ति, सती अनसूया और अत्रि का वैवाहिक जीवन, वैदिक और वैज्ञानिक योगदान, रामायण में उल्लेख, और श्री अत्रि कृत श्रीराम स्तुति।

श्रीराम और माँ जानकी के चरणों में अंकित 24-24 शुभ चिन्ह

चरण-चिह्नों में समाया है धर्म, मर्यादा, करुणा और भक्ति का संदेश। कमल, चक्र, शंख, ध्वजा, वज्र, अंकुश और हर चिन्ह का अर्थ।