सात्विकम् आध्यात्म, संस्कृति और सदजीवन का संगम है। गुरुकुलों की परंपरा, तीर्थों की महिमा, संतों का सान्निध्य और सात्विक सेवा, सात्विकम् भारत की इसी जीवित धरोहर को हर घर तक पहुँचाने का प्रयास है।
वेद, पुराण, गीता और ऋषि-वाणी के लेख, पर्व-उत्सवों की कथा और विधि, बच्चों के लिए संस्कारशाला, और भोजन से संस्कार तक की सेवाएँ, सब इसी संकल्प का हिस्सा हैं।


