सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 · आस्था से अध्यात्म तक सात्विक जीवन · स्वस्थ समाज · समृद्ध भारत
बच्चों के लिए

सात्विकम् संस्कारशाला

पढ़ना, बोलना और लिखना सीखने के छोटे-छोटे संस्कार। घर पर बच्चों के साथ पढ़ें।

संस्कार-पोस्टर

पढ़ना सीखो

ऐसे पढ़ो, सही तरीका: सीधे बैठकर पढ़ो। पुस्तक नेत्रोंसे हाथ भर दूर रखकर पढ़ो। साधारण प्रकाशमें पढ़ो।

  • जो कुछ पढ़ो, समझकर पढ़ो।
  • जितना पढ़ो, स्मरण रखो।
  • वही पढ़ो, जो पाठशालामें या जीवनमें काम दें।

बालकों की बोल-चाल, पृष्ठ 12, 13 (गीता प्रेस) पुस्तक से साभार

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बोलना सीखो

बोलना सीखना पड़ता है। बोलने का ढंग होता है। बोलने के नियम होते हैं। उचित रूप से बोलने वाला सम्मानित होता है।

  • नम्रता से बोलना सीखो।
  • मधुरता से बोलना सीखो।
  • विनय पूर्वक बोलना सीखो।
  • शिष्टता से बोलना सीखो।
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लिखना सीखो (1) और (2)

बहुत झुककर लिखते हो? अच्छा नहीं। घसीटकर लिखते हो? अच्छा नहीं। टेढ़ी लाइनें लिखते हो? अच्छा नहीं।

  • सुनकर लिखना, समझकर लिखना,
  • साफ-साफ लिखना, शुद्ध-शुद्ध लिखना,
  • सोचकर लिखना। जानकर लिखना।
  • अलग-अलग लिखना। सुन्दर अक्षर लिखना।
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"बालकों की बोल-चाल" (गीता प्रेस) पुस्तक से साभार · संकलन: अजय कुमार मिश्र