आयु 30 वर्ष या कम
युवा संत, जिनकी यात्रा अभी आरंभ हुई है।
नियमित साधना व अध्ययन
शास्त्र-अध्ययन और साधना में निरंतरता।
समाज-सेवा में सक्रिय भूमिका
कथा, शिक्षा, गौसेवा या अन्य सेवा-कार्य।
गुरु-परंपरा से जुड़ाव
किसी गुरु या सम्प्रदाय की परंपरा से संबंध।