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तीर्थ परिचय

श्री मुक्तिनाथ धाम: मुक्तिक्षेत्र की पौराणिक एवं आध्यात्मिक महिमा

लेखन सहयोगी: सरोज बास्तोला 'जीवनामृत'

संकलन मार्गदर्शक: संहिता शास्त्री गर्गाचार्य श्री अर्जुन प्रसाद बस्तौला

सती वृन्दा के श्राप से मुक्ति होने के लिए भगवान विष्णु गंडकी नदी में शिला रूप में प्रकट हुए थे। इसी हेतु सर्वलोक पाप विनाश के लिए भगवान विष्णु शालिग्राम शिला रूप में प्रतिष्ठित हुए। इसी उद्देश्य से इस क्षेत्र का नाम मुक्तिक्षेत्र हुआ।

इस लेख में

  • सृष्टि और जम्बूद्वीप
  • आर्य परंपरा और चार खंड
  • पुराणों में महिमा
  • शालिग्राम की उत्पत्ति
  • शालिग्राम और भगवान मुक्तिनाथ
  • दामोदर कुंड और काकवेणी
  • ऋषि परंपरा की तपस्थली
  • गंडकी की पवित्रता

ॐ जय बाबा मुक्तिनाथ जय हो! जय हो! जय हो!

श्री मुक्तिनाथ धाम: मुक्तिक्षेत्र की पौराणिक एवं आध्यात्मिक महिमा